जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए 12 नवम्बर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भारत के औद्योगिक उपभोक्ताओं को नियमानुसार छूट दी जाएगी।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक 06 माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी तथा लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक 06 माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी।
ऐसे पक्षकार जोकि सम्पत्तिकर तथा जलकर के प्रकरणों में प्रदान की जा रही छूट का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं अथवा छूट के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है, अपने क्षेत्र के विद्युत विभाग के कार्यालय अथवा कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय शिवपुरी में संपर्क कर सकते है। उपरोक्तानुसार छूट शासन द्वारा निर्धारित नियम व शर्तों के अधीन दी जाएगी। साथ ही नेशनल लोक अदालत में निराकृत होने वाले समस्त लंबित प्रकरणों में न्याय शुल्क वापस किये जाने का प्रावधान है।
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