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क्लस्टर प्रदर्शनों से होगा उन्नत प्रजाति एवं नवीन तकनीक का क्षेत्र में प्रसार-डॉ. हाडा



शिवपुरी,  राजमाता विजयाराजे कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के निदेशालय विस्तार सेवाएं से आये डॉ.नीरज हाडा (कृषि वैज्ञानिक) एवं कृषि विज्ञान केन्द्र शिवपुरी से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एम.के.भार्गव, डॉ.एस.एस.कुशवाह, वैज्ञानिक डॉ.जे.सी.गुप्ता प्रभारी अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन दलहन एवं वैज्ञानिक डॉ.ए.एल.बसेड़िया, प्रभारी अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन तिलहन द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा चयनित कलस्टरों के ग्राम किरौली, रातौर, पिपरसमां आदि में सरसों प्रजाति डीआरएमआर-गिरिराज का निरीक्षण एवं आकलन किया, जो किसानों के खेत पर बहुत अच्छी परिणाम आ रहे हैं। किसानों से चर्चा करने के दौरान किसानों ने कहा कि यह प्रजाति देखने में तो अच्छी है ही, साथ ही इसमें माहू कम आया है या नहीं के बराबर आया है।
इसी क्रम में मसूर के खेतों का भी निरीक्षण कर किसानों से चर्चा की। जिसमें रातौर के किसान राजवीर जाटव एवं पिपरसमां के किसान अशोक धाकड़ से चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि मसूर की प्रजाति-आईपीएल 316 बहुत बेहतर प्रदर्शन कर  रही है और इसमें किसी प्रकार के रोग, कीड़ें नहीं दिखाई दे रहे हैं। इसमें 3 से 4 कि्ंवटल प्रति बीघे के मान से उपज निकलने की संभावना है और आगे इस प्रजाति के बीज को मंडी में न बेचने की बात कही है और भविष्य में शिवपुरी जिले के आस-पास के किसानों को उक्त बीज को बेच कर इस प्रजाति को और आगे बढ़ाने की बात कही गई। क्लस्टर प्रदर्शनों का उद्देश्य भी यही है कि उन्नत प्रजाति से जिले में बीज प्रतिस्थापन दर बढ़े तथा उन्नत तकनीक से कृषकों को लाभकारी परिणाम भी प्राप्त हो।

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