नौ कन्याओं के साथ उपासक
(पांव पखार, कराया नौ कन्या भोज)
बिर्रा- दीवान मोहल्ला में नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की गई। नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया गया। हिंदू धर्म में इसका बड़ा महत्व बताया गया है। इस दिन 10 साल से कम उम्र की कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में कन्या पूजन के बाद ही भक्तों के नवरात्र व्रत संपन्न माने जाते हैं। कुछ लोग मां दुर्गा को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए नौ दिन उपवास रखते थे तो कुछ पहले और आखिरी दिन व्रत रखकर मां की उपासना करते रहे कहते हैं कि मां दुर्गा के ये व्रत संपन्न तभी माने जाते हैं जब कन्या पूजन किया जाता है। देवी की तरह इन कन्याओं की पूजा किया गया। इसके बाद महामाई के भक्तों ने श्रद्धा के साथ घरों में कन्या - लांगुराओं का विधिविधान से पूजन किया । कन्या भोजन ग्रहण कराकर उन्हें दक्षिणा एवं उपहार भेंटकर नौ दिन से चले आ रहे भक्त अपने व्रत खोले। इस शुभ अवसर पर आचार्य नवरतन पाण्डेय, मुख्य जजमान पार्वती दीपक धीवर, राजमहल बिर्रा से विजय बहादुर सिंह, रितेश रमण सिंह, चेतन प्रताप सिंह, पीयूष देव सिंह, प्रतीक प्रताप सिंह, सौंखी लाल पटेल, सुभाष यादव, एकांश पटेल, सुरेंद्र, टिंकू केशरवानी, बजरंग, योगेश, तुषार, अवि केशरवानी, ओम प्रकाश धीवर, सूरज धीवर, शिव प्रसाद पटेल, गोपाल, बजरंग पटेल, वीरेंद्र, जितेन्द्र धीवर, मधुबनिया पटेल, मनराखन धीवर, सुदेश सिदार, संजय पटेल, कोमिला पटेल, संतोषी धीवर, ज्योति, खुशबू केशरवानी, सुधा पटेल सहित मोहल्लेवासी एवं उपासक भारी संख्या में उपस्थित थे।

0 टिप्पणियाँ