उक्त शिविर में उपस्थित लोगों को जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ.वीरेन्द्र कुमार चढ़ार ने म.प्र. अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना 2015 पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अपराध से पीड़ित व्यक्ति प्रतिकर हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रतिकर हेतु आवेदन दे सकता है जिसमें निम्न क्षति जैसे- जीवन की हानि (हत्या), भ्रूण की हानि या क्षति, शरीर में 100 प्रतिशत स्थायी निःशक्तता होने पर, शरीर में स्थायी निःशक्तता 40 प्रतिशत से अधिक होने पर, महिला की प्रजनन क्षमता की स्थायी क्षति (बलात्कार को छो़कर अन्य आपराधिक घटना में), शरीर के महत्वपूर्ण भागर पर गंभीर चोट अथवा शल्य क्रिया, सामूहिक बलात्कार, अवयस्क बच्चों के साथ लैंगिक अपराध, एसिड अटैक से कुरूपता 40 प्रतिशत से अधिक होने पर, एसिड अटैक से कुरूपता 40 प्रति से कम होने पर प्रतिकर प्राप्त कर सकते हैं।
इसके साथ ही जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ.वीरेन्द्र कुमार चढार ने उपस्थित लोगों को निशुल्क विधिक सहायता, मध्यस्थता योजना, नेशनल लोक अदालत, महिला बाल सुरक्षा इकाई, विवाद विहीन ग्राम योजना, एसिड हमले से पीड़ितों को विधिक सेवा योजना, अनुसूचित जाति, जनजाति के अधिकारों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की।

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