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सिद्धेश्वर बाणगंगा सांस्कृतिक मेले में खुलेआम चल रहा सट्टे का कारोबार,

  शिवपुरी / मेला ग्राउंड में खोल हतावी पुलिस के आंख के नीचे लग रहा खुले में 1000-1500 का दाव।


शिवपुरी जिले में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री सिद्धेश्वर बाणगंगा सांस्कृतिक मेला चल रहा है जो कि प्रति वर्ष एक महीने के लिए लगता है यू तू सिद्धेश्वर मेला कहीं न  कहीं विवादों की स्थिति में बना रहता है विगत वर्ष पहले भी सिद्धेश्वर मेल काफी विवादों में रहा था आपको बता दें कि मेला का टेंडर एक महीने का हुआ था परंतु मेला के ठेकेदार द्वारा मेले को 15 दिन एक्स्ट्रा लगाया गया था हालांकि बाद में नगर पालिका द्वारा कुछ रिकवरी भी की गई थी साथ ही मेला ठेकेदार के लाइसेंस को ब्लैकलिस्टेड भी कर दिया गया था,परंतु जब मेंला इस वर्ष सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड में लगा तो सबसे अधिक सवालिया निशान पुलिस प्रशासन पे खड़े हुए जिसमें चाहे वह चोरों द्वारा आए दिन मेला घूमने गए परिवारों की जेब काटना हो या फिर फिजिकल पुलिस के आंख के नीचे चल रहा सत्ता या कहें तो मोटी रकम रखकर हार जीत के दांव का गेम।      अगर हम पहले बात नगर पालिका  शिवपुरी की करें तो नगर पालिका शिवपुरी ने ब्लैक लिस्ट किए गए इस ठेकेदार को इस बार भी मेले का ठेका दे दिया गया,इस संबंध में नगरपालिका प्रशासन ने बताया कि मेला ठेकेदार द्वार दूसरे फर्म के नाम से इस बार टेंडर लिया गया है जिस फार्म से टेंडर लिया गया है बाय फॉर्म ग्वालियर की बताई जा रही है ऐसा भी बताया जा रहा है। नगर पालिका की गाइडलाइन के अनुसार मेल टेंडर लेने के लिए कम से कम 3 वर्ष का अनुभव मिला ठेकेदार के पास होना चाहिए फॉर्म के नाम से परंतु शिवहारे इंटरप्राइजेज नाम से जो फार्म है उसके पास ऐसा अनुभव भी नहीं है,शिवहारे एंटरप्राइजेज ठेका मिलने के बाद नगर पालिका शिवपुरी भी सवालों के घेरे में आ गई है।

अब सवाल यहां खड़ा होते हैं की -

1.क्या नगर पालिका द्वारा फॉर्म को टेंडर देते समय उसके सभी दस्तावेजों को सही तरह से नहीं जांचा गया था

2.क्या किसी व्यक्ति विशेष को ही टेंडर देने का नगर पालिका का मकसद था? ऐसे अनेक और सवाल है जो नगर पालिका के ऊपर खड़े होते हैं ।शिवपुरी का सिद्धेश्वर मेला काफी चर्चा में इसलिए भी है क्योंकि यहां पर हजारों और लाखों रुपए का सट्टा भी खिलाया जाता है ।

सिद्धेश्वर मेला में लगातार सट्टा चलता हुआ नजर आ रहा है उसकी सोशल मीडिया पर वीडियो भी प्रकाशित हो रही है प्रकाशित वीडियो में दो जगह पर सट्टा खिलाते हुए  व्यक्ति दिखाई दे रहा है । 

अब सवाल फिजिकल थाना पुलिस पर खड़े होते जब स्थानीय मेला ग्राउंड फिजिकल थाना अंतर्गत आता है और मेला सुरक्षा दृष्टि से पुलिस के जवान लगातार तैनात रहते है, इसके बाद मेले में सट्टा किस प्रकार से संचालित हो रहा है,यह पूरा प्रकरण फिजिकल थाने पर कई प्रकार के सवाल खड़े करता है। 

मेले में चल रहे सट्टा से फिजिकल थाना प्रभारी रजनी चौहान पर भी होते हैं कई सवाल खड़े । 



1.क्या फिजिकल थाने की देखरेख में मेले में सट्टा चाल रहा है?

 2.फिजिकल थाने के लगातार जवान तैनात होने के बाद भी मेले में कैसे हो रहा है सट्टा संचालित ? 

3.फिजिकल थाने का मेला ग्राउंड में बने सहायता केंद्र से महज 50 कम की दूरी पर मेले में आखिर कैसे संचालित हो रहा है सट्टे का कारोबार ?

4.क्या मेले में सट्टा चलवाने में फिजिकल थाने की मिली भगत है? 

इस संबंध में जब मिला ठेकेदार से जानने का प्रयास किया तो मेरा ठेकेदार ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया 

                  शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़

इनका कहना है 

जब संवाददाता ने शिवपुरी एसपी से बात की तो एसपी ने बताया कि आप हमें वीडियो भेजें परीक्षण करने के बाद वीडियो संगत जो भी कार्रवाई होगी वह हम करेंगे 

इस संबंध में जब फिजिकल थाना प्रभारी रजनी चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया की   मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि सट्टा खेल रहा है या गेम खेलते हैं-


                    फिजिकल थाना प्रभारी रजनी चौहान                                                                                            

उन्होंने बताया कि हमें भी इसकी सूचना मिली है हमने जांच के लिए पत्र लिखा है जैसे ही जांच आती है अगर जांच में मेला ठेकेदार गलत पाया जाता है तो उसे पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी -

केशव सिंह सागर

मुख्य नगर पालिका अधिकारी

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