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छेरछेरा महापर्व: धूमधाम से मनाया गया त्योहार, बिर्रा क्षेत्र में आनलाइन छेरछेरा रहा चर्चा का विषय

बच्चों की टोलियों को छेरछेरा देते हुए, शिक्षक छवि कुमार पटेल

बिर्रा - छत्तीसगढ़ में महापर्व छेरछेरा धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्र में बिर्रा,घिवरा,किकिरदा, बसंतपुर ,देवरहा देवरानी, सिलादेही,मौहाडीह, गतवा, बोरसी तालदेवरी, सेमरिया , बनडभरा, सोनादह और डभराखुर्द समेत गांवों में बच्चे-बड़ों की टोली घर-घर जाकर छेरछेरा त्योहार का दान लिया और दिया गया।वहीं बिर्रा क्षेत्र में आधुनिक युग के डिजिटल तकनीक का लोगों ने भरपूर फायदा उठाया है,यहां लोग फोन-पे के माध्यम से भी छेरछेरा लेते दिखे,जो क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। गौरतलब है कि धान की खेती पूरी होने के बाद धान की मिंजाई कर उसे घर में सुरक्षित रखने के बाद मनाया जाने वाला अन्नदान का महापर्व छेरछेरा की धूम जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा के क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिली,पूस माह की पूर्णिमा को छत्तीसगढ़ में छेरछेरा पुन्नी या छेरछेरा त्यौहार के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार तब मनाया जाता है, जब किसान अपने धान की नई फसल को काटकर उसका घरों में भंडारण कर चुके होते हैं। इसी भंडारित धान में से अन्नदान करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही हैं। सर्वप्रथम ग्राम बैगा द्वारा ग्राम के देवी देवताओं के मंदिर चौरा में पूजा अर्चना किया जा हैं तथा गांव व क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जाती है।फिर ग्रामीण टोली बना-बनाकर घर-घर जाकर अन्नदान लेते हैं। घर के बाहर आवाज लगते हैं 'माई छेरछेरा कोठी के धान ला हेर हेरा'। लगातार घर के बाहर इस तरह की पुकार करने के बाद घर की महिलाएं अन्नदान करती हैं। अन्नदान में देरी होने पर टोली के लोग 'अरण-बरन कोदो दरन, जब्बे देबे तब्बे तरन' की पुकार लगते हैं, जिसका मतलब है जब अनाज मिलेगा तभी यहां से जाएंगे। इस दिन शाकंभरी देवी और अन्नपूर्णा देवी की पूजा की जाती है, जो अनाज की देवी हैं।हर गली-मोहल्ले में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक नृत्य समूह डंडा नृत्य समूह मृदंग झांझ मंजीरा की थाप पर उत्साह को और बढ़ा देते हैं। घरों में विभिन्न प्रकार की छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाया जाता है। क्षेत्र में शांतिपूर्ण तरीके से लोकपर्व छेरछेरा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

बिर्रा क्षेत्र में आनलाइन छेरछेरा रहा चर्चा का विषय

वहीं डिजिटल इंडिया का जो सपना प्रधानमंत्री ने देखा था वह सार्थक नजर आ रहा है,आधुनिक युग में बदलते भारत में अब लोग डिजिटल हो रहे हैं वहीं इस बार बिर्रा क्षेत्र में आनलाईन फोन-पे के माध्यम से भी छेरछेरा लेते लोग दिखे जो क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा।

आज मनाया जाएगा मकर संक्रांति पर्व

     दक्षिणायन से उत्तरायण का पर्व मकर संक्रांति आज मनाया जाएगा। बिर्रा क्षेत्र की सबसे बड़ी नदी महानदी में हर साल की तरह एक दिवसीय मेले का आयोजन आज होगा। महानदी बसंतपुर -सलिहा में लोंग स्नान करने पहुंचेंगे पिकनिक मनाई जाएगी।पर्व को लेकर बिर्रा पुलिस और भटगांव पुलिस की टीम मुस्तैद रहेगी।तील से बने व्यंजन बनाया गया है। 

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