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Shivpuri News : शिवपुरी कृषि विज्ञान केंद्र में 39वीं वैज्ञानिक परामर्श समिति की बैठक संपन्न; खरीफ 2026 के लिए बनी विशेष कार्ययोजना

शिवपुरी, 22 मई- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) - अटारी जबलपुर एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), शिवपुरी की 39वीं वैज्ञानिक परामर्श समिति की बैठक शुक्रवार को पिपरसमां स्थित प्रशासनिक भवन में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले छह महीनों के कार्यों की समीक्षा करना और आगामी खरीफ 2026 सीजन के लिए जिले के किसानों व पशुपालकों के हित में एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करना था।

बैठक की शुरुआत में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख **डॉ. पुनीत कुमार** ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और बैठक के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद वरिष्ठ वैज्ञानिक **डॉ. मुकेश कुमार भार्गव** ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से पिछले छह माह की प्रगति रिपोर्ट और आगामी खरीफ सीजन की प्रस्तावित कार्ययोजना समिति के सामने प्रस्तुत की।

### **कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए मुख्य सुझाव:**

बैठक में शामिल देश के जाने-माने कृषि वैज्ञानिकों ने शिवपुरी जिले में कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए:

 * **ईंधन और ऊर्जा की बचत:** निदेशक विस्तार सेवाएं **डॉ. वाय. पी. सिंह** ने खेती में संसाधन संरक्षण तकनीकों को अपनाने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों (जैसे सोलर एनर्जी) का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया।

 * **संतुलित उर्वरक प्रबंधन:** अटारी जबलपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक **डॉ. रजनीश श्रीवास्तव** ने किसानों को फसलों में संतुलित खाद और समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली के प्रति जागरूक करने की बात कही।

 * **कृषि वानिकी से लाभ:** केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान झांसी के प्रधान वैज्ञानिक **डॉ. आर. पी. द्विवेदी** ने केंद्र के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ 'कृषि वानिकी विधाओं' (Agroforestry) से किसानों को और अधिक जोड़ा जाए।

 * **आलू की उन्नत खेती:** क्षेत्रीय आलू अनुसंधान केंद्र ग्वालियर के प्रमुख **डॉ. सुभाष कटारे** ने सुझाव दिया कि उन्नत प्रजाति के आलू के बीजों को सुरक्षित रखकर अन्य किसानों तक पहुँचाया जाए, ताकि जिले में बीज प्रतिस्थापन दर (Seed Replacement Rate) बढ़ सके।

### **विभागों और किसानों का मिला समर्थन**

बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि अभियांत्रिकी, आजीविका मिशन और विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं (जैसे विकास संवाद, वसुधा विकास संस्था, सृजन संस्था) के प्रमुखों ने भाग लिया। सभी विभागों ने कृषि विज्ञान केंद्र की कार्ययोजना को प्रभावी बताते हुए आपसी तालमेल से काम करने का भरोसा दिया।

45 सदस्यों की रही सहभागिता

इस बैठक में श्योपुर, दतिया और अशोकनगर कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक भी शामिल हुए। साथ ही जिले के प्रगतिशील किसान प्रतिनिधि जैसे अवधेश वर्मा (पिपरसमां), त्रिलोचन सिंह, महिला कृषक श्रीमती कमलजीत कौर, जगदीश गिरी गोस्वामी, रामगोपाल गुप्ता, गोविंद सिंह दांगी आदि सहित कुल 45 लोग उपस्थित रहे।

बैठक को सफल बनाने में केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कुमार गुप्ता, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. सुरुचि सोनी, डॉ. नीरज कुमार कुशवाहा, सत्येंद्र गुप्ता और श्रीमती आरती बंसल का सराहनीय योगदान रहा। अंत में सभी का आभार प्रदर्शन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत कुमार गुप्ता-द्वारा किया गया।

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