अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है दिनांक16.02.2020 को दोपहर करीब 02.30 बजे फरियादिया सरोज मेहतर, उसकी चचिया सास ममता व उसकी दोनों लड़की काजल, नंदनी वन विभाग चौकी के पास बने हैंडपंप पर रोजाना की तरह पानी भरने गये थे और वे पानी भर रहे थे तभी रेंजर एस. के. शर्मा हाथ में पानी की बोतल लेकर हेंडपंप पर आया वहीं लड़की काजल बर्तन धो रही थी जिसका पानी एस.के. शर्मा पर उचट गया तो मां-बहन की गंदी गंदी गालियां देकर बोला नीच लोग तुम चौकी के पास हेंडपंप पर पानी भरने क्यों आते हैं तब उसने तथा ममता ने कहा कि बाबूजी गाली क्यों दे रहे हैं तभी वन विभाग की एक महिला आई उस महिला ने उसमें तथा ममता में चाटे मारे तथा दोनों के बाल पकड़ कर झकझोर दिया जिससे उन्हें चोटें आई। इतने में उसकी लड़की काजल दौड़कर घर गई तो घर से उसका पति मदन व देवर पंकज आ गये तभी डिप्टी रेंजर राठौर, रवि शर्मा, रवि बाथम, मुकेश बाथम, रामेश्वर रावत, नंदराम जाटव, गणेश गौतम, सरदार परघट सिंह हाथ में बंदूक लिये तथा चार आदमी और थे सभी ने उसके पति मदन तथा देवर पंकज की बंदूक के बट, डण्डों से मारपीट की जिनसे छूटकर वे घर को भागे तब सभी लोग दोनों के पीछे भागे, भागते समय एस.के. शर्मा बोला कि गोली मार दो सालों को एस.के. शर्मा, मुकेश बाथम व रवि बाथम तीनों ने जान से मारने की नियत से बंदूक से फायर किये जो मदन के पीछे पीठ में लगे और गोली पार हो गई तथा पंकज के दाहिने कंधा में छर्रे लगे जिससे मदन वहीं मौके पर गिर पड़े व पंकज घायल हो गया। मौके पर गांव के सत्यभान सिंह परमार, चचिया ससुर सुमंत मेहतर, चचिया ससुर लक्ष्मीनारायण मेहतर, श्रीमती भानू मेहतर, देवेन्द्र रावत मौजूद थे जिन्होंने सारी घटना देखी। उसके बाद वह तथा सभी लोग सत्यभान सिंह परमार की बुलेरो गाड़ी से घायल मदन व पंकज को करैरा ला रहे थे तो गधाई रामनगर के पास मदन खत्म हो गया। उसके बाद वे लोग करैरा थाने आये।फरियादिया सरोज मेहतर के द्वारा लेख कराई उक्त रिपोर्ट पर से थाना करैरा जिला शिवपुरी में अपराध कमांक-98/2020 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की जाकर मामला विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त वस्तुओं को जप्त कर विवेचना उपरांत अभियुक्तगण सुरेश शर्मा,रविशंकर तिवारी,नंदराम जाटव,रामेश्वर रावत,दिनेश त्रिपाठी, रामनरेश सेंगर के विरूद्ध अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।विशेष न्यायधीश अट्रोसिटीज एक्ट श्रीमान अशोक कुमार शर्मा ने संपूर्ण विचारण करने के उपरांत साक्ष्यों के अभाव,अभियुक्तगण के विद्वान अधिवक्ताओं के तर्कों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्तगणों को हत्या के आरोप से दोषमुक्त किया गया।अभियुक्त रामनरेश सेंगर की ओर से पैरवी सतेंद्र सक्सेना ,अरुण शर्मा अंकित वर्मा अधिवक्ता द्वारा की गई।अभियुक्त सुरेश शर्मा की ओर से दीपक भार्गव अधिवक्ता,रविशंकर की ओर से शैलेन्द्र समाधियां अधिवक्ता,रामेश्वर की और से लक्ष्मीनारायण धाकड़,नंदराम एवं दिनेश की ओर से सूर्यप्रताप सिंह द्वारा पैरवी की गई।

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