फाइल फोटो-हायर सेकेंडरी स्कूल बिर्रा में संचालित शासकीय नवीन महाविद्यालय बिर्रा
शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, आखिर कब मिलेगा अपने भवन का इंतजार खत्म होने का जवाब
बिर्रा-नवीन शिक्षण सत्र शुरू होने में महज कुछ दिन शेष हैं, लेकिन बिर्रा के शासकीय नवीन महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं आज भी जर्जर और असुविधाजनक भवन में अध्ययन करने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि महाविद्यालय भवन निर्माण को लेकर वर्षों से केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है। क्षेत्र के अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज न जाना पड़े, इस उद्देश्य से लंबे समय से महाविद्यालय की मांग की जाती रही। मांग पूरी होने के बाद महाविद्यालय तो प्रारंभ हो गया, लेकिन भवन निर्माण का सपना आज भी अधूरा है।
महाविद्यालय के लिए भूमि आबंटन होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। भवन निर्माण को लेकर कई बार मांगें उठीं, ज्ञापन सौंपे गए और आश्वासन भी मिले, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर महाविद्यालय भवन का निर्माण कब और कहां होगा, इस संबंध में अब तक स्पष्टता नहीं आ पाई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि महाविद्यालय को शुरू हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज भी छात्र-छात्राओं को स्थायी भवन की सुविधा नहीं मिल पाई है। नई शिक्षा सत्र की शुरुआत होने जा रही है, इसके बावजूद विद्यार्थियों को जर्जर भवन में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में निराशा बढ़ रही है।
ग्रामीणों का मानना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को प्राथमिकता देते हुए सभी पक्षों को एकजुट होकर महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए गंभीर पहल करनी चाहिए। क्षेत्र के युवाओं का भविष्य बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर है, इसलिए अब और विलंब उचित नहीं माना जा सकता। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महाविद्यालय खुलने के 12 वर्ष बाद भी अपने भवन का इंतजार क्यों खत्म नहीं हो पाया आखिर कब तक छात्र-छात्राएं जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर रहेंगे और कब तक महाविद्यालय भवन केवल कागजों और आश्वासनों तक सीमित रहेगा।
बिर्रा शासकीय नवीन महाविद्यालय को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देते हुए
पंचायत प्रतिनिधि कर रहे मांग लेकिन अभी भी अटका हुआ
ग्राम पंचायत बिर्रा की ओर से पहले ही महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु आवश्यक आवेदन व अनुरोध माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं माननीय वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को प्रस्तुत किए जा चुके हैं। सुशासन तिहार शिविर (19 मई, बंसुला) में भी ग्राम पंचायत द्वारा भवन निर्माण की तत्क्षण शुरुआत की मांग रखी गई थी। इसके बावजूद अभी तक कोई निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है और न ही वित्तीय स्वीकृति/कार्यादेश की कोई जानकारी ग्राम पंचायत को प्रदान की गई है।


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