शिवपुरी जिले के गुर्जर समाज ने एकजुट होकर स्थानीय और सामाजिक समस्याओं को लेकर आज गुरुवार की दोपहर 12 बजे जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसों से लंबित पड़े उनके हकों और धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मामलों पर तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। सौंपे गए ज्ञापन में टाइगर रिजर्व से विस्थापन, वन विभाग की कथित ज्यादतियों और समाज के गौरवशाली इतिहास के संरक्षण सहित 10 प्रमुख मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया गया है।
गुर्जर समाज का कहना है कि माधव नेशनल पार्क (टाइगर रिजर्व) के दायरे में आने वाले पांच गांवों—लखनगवां, हरनगर, मामोनी, डोंगर और अर्जुनगवां के पीड़ित परिवार पिछले 20 साल से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बेहद दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर हैं। समाज ने मांग की है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर सर्वे से छूटे हुए परिवारों को तुरंत शामिल किया जाए और वर्तमान सरकारी गाइडलाइन के अनुसार उचित विस्थापन व मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही, ईको-सेंसिटिव बफर जोन में आने वाले गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया भी तेज करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि वन विभाग द्वारा सालों से खेती कर रहे गुर्जर समाज के किसानों को टारगेट कर उनकी खड़ी फसलें नष्ट की जा रही हैं, जबकि नियमानुसार उन्हें पट्टे दिए जाने चाहिए। समाज ने एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुरवाया थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों से ग्रामीणों के लगभग 100 मवेशी गायब हो चुके हैं। आशंका जताई गई है कि मवेशियों को पकड़कर जंगली जानवरों के चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। समाज ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जंगली जानवरों के शिकार हुए मवेशियों के मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग की है। इसके अलावा, नरवर में नगर वन पार्क की ओर जाने वाले पारंपरिक रास्ते को वन विभाग द्वारा बंद किए जाने का भी कड़ा विरोध किया गया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का मुद्दा उठाते हुए समाज ने कहा कि महाभारत कालीन हसनी माता मंदिर को तोड़े जाने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और बलारी माता मंदिर को संरक्षित किया जाए। वहीं, झिरना सरकार स्थल पर पूर्व में हुए प्रशासनिक समझौते का पालन करते हुए आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य न रोकने की अपील की गई है। गुर्जर समाज ने शिवपुरी शहर के किसी प्रमुख चौराहे पर समाज के आराध्य भगवान देवनारायण, पन्नाधाय और क्रांतिकारी धनसिंह कोतवाल की प्रतिमा स्थापित करने तथा एक मुख्य सड़क का नामकरण उनके नाम पर करने की मांग रखी है। समाज ने यह भी चेतावनी दी है कि उनके गौरवशाली इतिहास के साथ की जा रही किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते समय गुर्जर समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में इन समस्याओं का अतिशीघ्र निराकरण करने की गुहार लगाई है।

0 टिप्पणियाँ