शिवपुरी।जिले में साइबर ठगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे आम नागरिकों को तो छोड़िए, जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल करने से भी नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला शिवपुरी के कलेक्टर अर्पित वर्मा (IAS) का सामने आया है, जिनके नाम पर एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से ठगी करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले की शिकायत आधिकारिक तौर पर साइबर सेल में दर्ज करा दी गई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
सीआरपीएफ अधिकारी का अपनी व्हाट्सएप डीपी पर फोटो लगाकर देता है सस्ते सामान का झांसा
यह पूरा मामला शिवपुरी जनपद के लालगढ़ गांव के निवासी प्रमोद रावत के साथ घटित हुआ। प्रमोद को "अर्पित वर्मा आईएएस" नाम की एक फर्जी फेसबुक आईडी से मैसेंजर पर मैसेज आए। शुरुआती बातचीत में ठगों ने प्रमोद का मोबाइल नंबर मांगा। इसके बाद एक और मैसेज भेजकर दावा किया गया कि कलेक्टर साहब का एक दोस्त संतोष कुमार, जो सीआरपीएफ (CRPF) कैंप में तैनात है, उनसे जल्द संपर्क करेगा। मैसेज में कहा गया कि इस अधिकारी का ट्रांसफर हो गया है और वह अपना घरेलू सामान बेहद कम कीमत में बेच रहा है।
3 महीने पुराना बताकर 90 हजार में ऑफर किया सामान
कुछ ही देर बाद प्रमोद रावत के व्हाट्सएप पर मोबाइल नंबर 87210 67056 से एक संदेश प्राप्त हुआ। संदेश की शुरुआत "जय हिंद, जय भारत" से की गई थी। इसके साथ ही बेड, लैपटॉप, फ्रिज, सोफा और अन्य घरेलू सामानों की तस्वीरें भेजी गईं। ठगों ने दावा किया कि यह सारा सामान महज 3 महीने पुराना है, जिस पर 5 साल की वारंटी भी है। इस पूरे कीमती सामान का सौदा सिर्फ 90 हजार रुपये में तय करने का लालच दिया गया।
जांच में सामने आया है कि ठग इस फर्जी आईडी के जरिए जिले के कई अन्य लोगों को भी जाल में फंसाने की कोशिश कर चुके हैं और सामान बेचने के बहाने एडवांस पैसे (अग्रिम राशि) की मांग कर रहे हैं।
फर्जी आईडी पर जुड़े हैं 1000 से ज्यादा दोस्त
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर अर्पित वर्मा के नाम से यह फर्जी प्रोफाइल कुछ दिन पहले ही तैयार की गई है, जिस पर करीब एक हजार लोग बतौर दोस्त जुड़ भी चुके हैं, जिनमें से अधिकांश शिवपुरी जिले के ही स्थानीय निवासी हैं। वहीं, अगर कलेक्टर अर्पित वर्मा की असली आधिकारिक फेसबुक प्रोफाइल की बात की जाए, तो उस पर 15 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
कलेक्टर साहब को किया गया सचेत, पर नहीं मिला कोई जवाब
विशेष इनपुट:इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हमारे संवाददाता ने खुद शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा से संपर्क साधने का प्रयास किया। उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर इस पूरे घटनाक्रम और उनकी फर्जी आईडी से लोगों को ठगे जाने की कोशिशों के बारे में अवगत कराने का प्रयास भी किया गया, ताकि प्रशासनिक स्तर पर इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लिया जा सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक कलेक्टर साहब की तरफ से इस मैसेज का कोई जवाब या प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
साइबर सेल में मामला दर्ज, जांच शुरू
इस घटना के बाद से ही जिले में यह मुद्दा गरमाया हुआ है। आम जनता का कहना है कि जब साइबर अपराधी इतने बड़े अधिकारी के नाम का इस्तेमाल करने का दुस्साहस कर सकते हैं, तो आम नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
इस संबंध में जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) प्रियंका शर्मा ने बताया कि मामले की आधिकारिक शिकायत साइबर सेल शाखा में दर्ज करा दी गई है। पुलिस की टेक्निकल टीम फर्जी आईडी संचालित करने वाले आरोपियों के आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रैक कर उनकी पहचान करने में जुटी हुई है।
अपील:यदि आपके पास भी किसी वीआईपी या प्रशासनिक अधिकारी के नाम से ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज या सस्ते सामान का ऑफर आता है, तो बिना पुष्टि किए कोई भी ऑनलाइन भुगतान न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।













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