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Shivpuri News : ऊर्जा मंत्री के सामने फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: खोड़ जनचौपाल में गूंजे 'बिजली विभाग चोर है' के नारे, रिश्वतखोरी के भी आरोप

 


शिवपुरी। शिवपुरी जिले के खोड़ गांव में आयोजित जनचौपाल उस समय हंगामे और भारी नाराजगी का केंद्र बन गई, जब पिछोर तहसील के वीरा गांव से पहुंचे ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। ग्रामीणों ने कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के सामने ही बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और 'बिजली विभाग चोर है' के जमकर नारे लगाए।

धाय महादेव मंदिर परिसर में चल रहे इस गरिमामयी कार्यक्रम में अचानक हुई नारेबाजी से वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का आरोप था कि महीनों से गांव में टूटे पड़े बिजली के खंभों और तारों की शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।

### मंच पर मौजूद थे मंत्री, कलेक्टर और विधायक

रविवार को आयोजित इस जनचौपाल में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर खुद ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे थे। मंच पर उनके साथ शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा, शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच वीरा गांव के ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ खुलकर अपना आक्रोश जताने लगे।


खेतों में लटके तार, हादसों को न्योता दे रहा विभाग

ऊर्जा मंत्री को अपनी आपबीती सुनाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि गांव में कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटे हुए हैं और हाईटेंशन तार जमीन पर पड़े हैं। कुछ स्थानों पर तार खेतों के बीचों-बीच इतने नीचे लटक रहे हैं कि किसानों और मवेशियों के लिए हर वक्त मौत का खतरा मंडरा रहा है। मानसून (बारिश का मौसम) शुरू होने के कारण करंट फैलने की आशंका और अधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अधिकारियों ने केवल खोखले आश्वासन दिए, धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं की।


एक दिन पहले भी उठाया था मुद्दा पर कोई असर नहीं 


ग्रामीणों ने बताया कि महज़ एक दिन पहले भी उन्होंने जनचौपाल में इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया था। तब जिम्मेदार अधिकारियों ने 'शीघ्र समाधान' का झुनझुना थमा दिया था, लेकिन अगले दिन तक जब कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे सीधे ऊर्जा मंत्री के सामने विरोध दर्ज कराने को मजबूर हो गए।


लाइन ठीक करने के बदले ₹3,000 की रिश्वत मांगने का आरोप


इस हंगामे के दौरान जनचौपाल में सबसे गंभीर और चौंकाने वाला आरोप ग्रामीण सुखेन्द्र राय ने लगाया। सुखेन्द्र ने ऊर्जा मंत्री के सामने सीधे तौर पर विभाग में चल रही रिश्वतखोरी की पोल खोल दी।

 *ताजा मामला - सुखेन्द्र राय का आरोप है कि उनके खेत से गुजरने वाली बिजली लाइन का खंभा और तार महीनों से टूटे हैं। जब उन्होंने इसे ठीक कराने के लिए संबंधित विभागीय कर्मचारियों से संपर्क किया, तो काम के बदले 3,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई।

 पहले भी वसूली: पीड़ित ने दावा किया कि इससे पहले फरवरी माह में जब तार टूटा था, तब उनके पिता से तार जोड़ने के एवज में  1,500 रुपये ऐंठे गए थे।

मामले ने पकड़ा तूल, अधिकारी मौन

ऊर्जा मंत्री के सामने ही रिश्वतखोरी के इतने सीधे और गंभीर आरोप लगने के बाद जनचौपाल में सन्नाटा पसर गया और वहां मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में मौजूद बिजली विभाग के अधिकारी इस पर बगले झांकते नजर आए। अब देखना यह होगा कि इस खुले मंच पर लगी फटकार और आरोपों के बाद दोषी कर्मचारियों और लापरवाह अधिकारियों पर ऊर्जा मंत्री और जिला प्रशासन क्या ठोस कार्रवाई करता है।

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