शिवपुरी शहर के वार्ड क्रमांक 17 स्थित पठारे कब्रिस्तान के पीछे निवासरत आदिवासी एवं सहरिया समाज के दर्जनों परिवार सोमवार को एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे और आवेदन देकर राहत की मांग की। परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से शासकीय भूमि पर झुग्गी-झोपड़ियां बनाकर निवास कर रहे हैं और मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं।
महिलाओं ने बताया गया है कि 29 मई 2026 को आई तेज आंधी और भारी बारिश में उनकी झुग्गियां और तिरपाल उड़ गए, जिससे गृहस्थी का सामान और राशन आदि खराब हो गया। इसके बाद से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
सपना आदिवासी ने बताया कि 29 मई को आई आंधी-बारिश ने उनकी झोपड़ियों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। परिवारों ने किसी तरह अस्थायी व्यवस्था कर रातें गुजारीं, लेकिन रविवार रात फिर तेज बारिश होने से सभी लोगों को पूरी रात भीगकर बितानी पड़ी। उन्होंने बताया कि 29 मई से अब तक झोपड़ियों में चूल्हा नहीं जल सका है और परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है।
सपना आदिवासी का कहना है कि प्रभावित परिवार तीसरी बार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। परिवारों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने, आर्थिक सहायता दिलाने तथा वर्षों से निवासरत लोगों को स्थायी आवासीय पट्टे और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

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