झांसी/शिवपुरी : नशे के सौदागरों के खिलाफ झांसी पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और रक्षा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी करके उड़ीसा से शिवपुरी ले जाया जा रहा 350 किलो गांजा
बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब पौने दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके से एक ट्रक और रेकी में इस्तेमाल होने वाली कार समेत 4 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है।
बिहारी तिराहे पर दबोचा गया ट्रक
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के प्रभारी चन्दन पाण्डेय और रक्षा थानाध्यक्ष डा. उदय प्रताप सिंह की टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस टीम ने बिहारी तिराहे पर घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रक (क्रमांक- यूपी 80 ईटी 0669) को रोका। जब ट्रक की सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए; ट्रक के भीतर भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया था।
स्टेशन रोड के गैराज से पकड़ाया गैंग का सरगना
पुलिस ने मौके से ट्रक चालक संजय गौर (निवासी: थाना मोहना, ग्वालियर) को हिरासत में लिया। संजय से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि गांजे की यह बड़ी खेप उड़ीसा से शिवपुरी ले जाई जा रही थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तत्काल स्टेशन रोड स्थित एक गैराज पर छापा मारा और वहां से गैंग के सरगना समेत तीन अन्य आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
1. मुन्नालाल झा गैंग का सरगना) – निवासी: मगरौनी, थाना नरवर, जिला शिवपुरी।
2. बालगोविन्द – निवासी: शिव कॉलोनी, गोले का मंदिर, ग्वालियर।
3. संजय अग्रवाल** – निवासी: दीक्षित कॉलोनी, मोहना, ग्वालियर।
4. संजय गौर (ट्रक चालक) – निवासी: थाना मोहना, ग्वालियर।
एक्सीडेंट ने बिगाड़ा खेल: ऐसे काम करता था यह शातिर गैंग
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से तस्करी करता था। ये लोग रात में सफर करते थे और दिन में आराम। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए ट्रक के आगे-आगे एक कार चलती थी जो रास्ते की रेकी करती थी। जैसे ही आगे चेकिंग दिखती, कार सवार तुरंत ट्रक ड्राइवर को फोन कर अलर्ट कर देते थे।
लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया..
इस बार बबीना के पास रेकी कर रही कार का एक्सीडेंट हो गया। कार को सुधरवाने के लिए तीनों आरोपी झांसी में ही रुक गए। इसी दौरान पुलिस को भनक लग गई और पूरी घेराबंदी कर इन्हें दबोच लिया गया।
साल 2002 के हादसे में दिव्यांग हुआ था सरगना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग का मुख्य सरगना मुन्नालाल झा साल 2002 में एक सड़क हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें वह दिव्यांग हो गया था। यह गैंग उड़ीसा से बेहद सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर लाता था और प्रदेश के कई जिलों में इसे ऊंचे और महंगे दामों पर खपाता था। पुलिस अब इनके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।

0 टिप्पणियाँ