जिन्दगी में पहलीबार सम्मान पाकर खुश हुए मातादीन (खुशियों की दास्तां)
। दतिया | 28-फरवरी-2019 ग्राम दुरसड़ा निवासी मातादीन अहिरवार खेती, किसानी कर अपने बच्चों के पालन पोषण में आधी से अधिक जिन्दगी गुजार चुके थे। उन्होंने जब भी कोई ऋण लिया उसे समय पर चुक्ता किया। कर्ज को अपने ऊपर बोझ समझने वाले मातादीन सालभर की मेहनत से बचत कर कर्ज जरूर चुकाते थे। उन्होंने इस बात का एहसास ही नहीं था कि अपनी इस आदत के कारण वह एक दिन मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सम्मान पत्र से सम्मानित किए जायेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जय किसान फसल ऋण माफी योजना के द्वारा उन किसानों का भी कर्जा माफ किया जो समय पर कर्जा चुकाते थे। अर्थात चुकाई गई राशि किसानों को न केवल वापिस की गई। बल्कि उन्हें ईमानदार कृषक होने का पुरस्कार देते हुए ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया। ताम्रपत्र प्राप्त करने वाले किसान की श्रेणी में मातादीन पुत्र गोकुली अहिरवार का नाम आया। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से उनके द्वारा ली गई 45 हजार 586 रूपये की राशि चुक्ता कर देने के बाद भी उन्हें शासन द्वारा चुकाई गई राशि दी गई और सम्मानित किया गया। जब मातादीन को समारोह पूर्वक ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
। दतिया | 28-फरवरी-2019 ग्राम दुरसड़ा निवासी मातादीन अहिरवार खेती, किसानी कर अपने बच्चों के पालन पोषण में आधी से अधिक जिन्दगी गुजार चुके थे। उन्होंने जब भी कोई ऋण लिया उसे समय पर चुक्ता किया। कर्ज को अपने ऊपर बोझ समझने वाले मातादीन सालभर की मेहनत से बचत कर कर्ज जरूर चुकाते थे। उन्होंने इस बात का एहसास ही नहीं था कि अपनी इस आदत के कारण वह एक दिन मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सम्मान पत्र से सम्मानित किए जायेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जय किसान फसल ऋण माफी योजना के द्वारा उन किसानों का भी कर्जा माफ किया जो समय पर कर्जा चुकाते थे। अर्थात चुकाई गई राशि किसानों को न केवल वापिस की गई। बल्कि उन्हें ईमानदार कृषक होने का पुरस्कार देते हुए ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया। ताम्रपत्र प्राप्त करने वाले किसान की श्रेणी में मातादीन पुत्र गोकुली अहिरवार का नाम आया। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से उनके द्वारा ली गई 45 हजार 586 रूपये की राशि चुक्ता कर देने के बाद भी उन्हें शासन द्वारा चुकाई गई राशि दी गई और सम्मानित किया गया। जब मातादीन को समारोह पूर्वक ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

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