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3 वाहन चोर गिरफ्तार, 20 बाइक बरामद: पलक झपकते ही चोरी कर ले जाते थे गाड़ियां


 45 दिन में 12 लाख रुपए की गाड़ियां चोरी कर चुके हैं
शहर से पलक झपतके ही गाड़ियां चोरी करने वाले वाहन चोर पुलिस के हाथ लग गए हैं। गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी की गईं 20 बाइक भी बरामद हो गई है। इनसे गोला का मंदिर के हवलदार की बाइक भी मिली है। जो यह कुछ दिन पहले हवलदार के ड्यूटी करते समय चोरी कर ले गए थे। यह शहर से वाहन चोरी कर पड़ोसी जिले भिंड, मुरैना में बेच देते थे। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
CSP महाराजपुरा रवि भदौरिया ने बताया कि महाराजपुरा थाना TI पीएस यादव को शनिवार रात सूचना मिली थी कि हाल ही में महाराजपुरा से चोरी गई बाइक के साथ एक शातिर वाहन चोर लक्ष्मणगढ़ पुल के नीचे खड़ा हुआ है। इस पर TI यादव ने अपनी टीम के साथ घेराबंदी की। पुलिस की हलचल देखकर बाइक सवार ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। चोरी की बाइक के साथ पकड़े गए वाहन चोर की पहचान मोनू उर्फ कुबेर तोमर पुत्र रामनिवास तोमर निवासी एण्डोरी के रूप में हुई है।
पकड़े गए वाहन चोर मोनू से पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने कुछ ही दिन में महाराजपुरा, कंपू और गोला का मंदिर से करीब 12 से 15 वाहन चोरी किए हैं। पूछताछ में यह भी पता चला कि वह चोरी के वाहन अपने दो साथी भिंड के बरासों निवासी रवि सिंह व मेहगांव बरहद निवासी शिवम भदौरिया को बेच देता था। इसका पता चलते ही पुलिस टीम को भिंड रवाना किया गया। भिंड पहुंची पुलिस टीम ने रवि और शिवम भदौरिया को हिरासत में लिया। कुल 20 गाड़ियां तीनों से बरामद हुई हैं। जिनकी कीमत लगभग 12 लाख रुपए है।
हवलदार की बाइक भी बरामद
  • पकड़े गए वाहन चोरों ने कुछ दिन पहले गोला का मंदिर थाने में पदस्थ हवलदार अनिल तोमर की बाइक नंबर MP03A-3123 को भी चोरी किया था। घटना के समय प्रधान आरक्षक तोमर अपनी ड्यूटी पर था। वह बाइक खड़ी कर राउंड लेने गए थे। लौटकर आए तो बाइक चोरी हो चुकी थी।
चोरी की कार के साथ भी पकड़े थे
  • पकड़े गए मोनू और शिवम भदौरिया कुछ समय पहले गोला का मंदिर में चोरी की होंडा सिटी कार के साथ भी पकड़े जा चुके हैं। उस समय उन्होंने कार गुजरात से चोरी करके लाने की बात कही थी। पुलिस इनसे चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
पांच हजार में बेच देते थे बाइक
  • वाहन चोरों ने यह भी कबूल किया है कि वह वाहन चोरी करने के बाद दूसरे शहरों व देहात के इलाकों में 4 से 5 हजार रुपए में बेच देते थे। आगे सामने वाला जैसे उसका उपयोग करे। वह जाली दस्तावेज बनाकर 8 से 10 हजार में बेच दे या एक या दो हजार ऊपर कमाकर ऐसे ही आगे किसी को बेच देता था।

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