- ऑडिट टीम ने जिले की कोलारस, बदरवास, पिछोर, खनियांधाना और पोहरी में 145 लोगों के नाम से फर्जी भुगतान पकड़ा
- सचिव राजस्व विभाग भोपाल के पत्र के बाद शिवपुरी प्रशासन हरकत में आया, पिछोर, कोलारस और पोहरी एसडीएम से मांगी जांच रिपोर्ट
जिले की पांच तहसीलों में सूखा राहत के नाम पर 145 लोगों को फर्जी तरीके से 1.72 कराेड़ रुपए का फर्जी भुगतान करने का मामला सामने आया है। सूखा राहत के तहत मुआवजा किसानाें के बजाए अन्य लाेगाें काे बांट दिया। कुछ खाताें में सात से 16 बार भुगतान डाला गया। महालेखाकार कार्यालय ग्वालियर के ऑडिट दल ने जनवरी एवं फरवरी 2021 में कलेक्टोरेट कार्यालय शिवपुरी में राहत शाखा के लेखा परीक्षण के दौरान सूखा राहत राशि वितरण का फर्जी भुगतान पकड़ा है।
जिले की कोलारस, बदरवास, पिछोर, खनियांधाना और पोहरी तहसील में सूखा राहत राशि का लोगों को फर्जी भुगतान ऑडिट में पकड़ा गया है। पिछोर तहसील में 21 लोगों के खाते में एक से अधिक बार भुगतान कर दिया है। अकेले पिछोर में ही 29.99 लाख रुपए का फर्जी भुगतान हुआ है। ऑफिस में मौजूद बिलों में किसानों का नाम है, लेकिन भुगतान किसी और को कर दिया गया है। उदाहरण के लिए प्रागीलाल अहिरवार को भुगतान दस बार में कुल 2 लाख 65 हजार 612 रुपए का भुगतान हुआ है। जबकि बिल में नाम सुरेश का दर्ज है। जिले की पांचों तहसीलों में हुए फर्जी भुगतान की लिस्ट ऑडिट दल ने बनाकर राजस्व विभाग भोपाल को भेजी। उस लिस्ट के आधार पर ही राजस्व विभाग भोपाल ने संभाग आयुक्त ग्वालियर और शिवपुरी कलेक्टर ने मामले की सूक्ष्म जांच कर प्रतिवेदन मांगा है। जिले से कोलारस, पिछोर व पोहरी एसडीएम को पत्र जारी कर प्रतिवेदन मांगा है।
कोलारस व बदरवास तहसील में 82.75 लाख रुपए के फर्जी भुगतान
ऑडिट दल ने 145 लोगों के नाम से 1 करोड़ 71 लाख 64 हजार रु. का फर्जी भुगतान पकड़ा है। इसमें अकेले कोलारस व बदरवास तहसील में 82.75 लाख का फर्जी भुगतान हुआ है। इन फर्जी भुगतान के संबंध में मप्र शासन के राजस्व सचिव से 15 जून 2021 को कलेक्टर शिवपुरी को पत्र जारी कर मामले में सूक्ष्मता से परीक्षण करके वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन मांगा है। उसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। बता दें कि शिवपुरी जिले काे सूखा राहत के रूप में 2017-18 में 142.61 करोड़, साल 2018-19 में 176 करोड़ और 2019-20 में 25.91 करोड़ रुपए की राशि मिली थी। यदि मामले की सही जांच हो तो और भी बड़ा फर्जीवाड़ा निकल सकता है।
खनियांधाना में 36 लोगों को 53.39 लाख रुपए का फर्जी भुगतान
खनियांधाना तहसील में अजय कुमार के खाते में 7 बार में सूखा राहत के कुल 3 लाख 48 लाख 772 रु. का भुगतान किया गया है। इसी तरह तहसील में कल्ला उर्फ श्याम के खाते में 9 बार में सूखा राहत के कुल 2 लाख 49 हजार 312 रु. का भुगतान हुआ है। तहसील में कुल 36 लोगों को 53.39 लाख का फर्जी भुगतान ऑडिट में पकड़ा है।
पोहरी में 5.49 लाख रुपए के फर्जी भुगतान के तीन मामले
पोहरी तहसील में सूखा राहत की राशि नवलसिंह, दौजा व रघुवीर के खाते में जारी हुई है। इन लोगों को 22 ट्रांजेक्शन में कुल 5.49 लाख रुपए का फर्जी भुगतान हुआ है। ऑडिट के दौरान सामने आने उक्त तीन लोगों की लिस्ट बनी है।
इन उदाहरणों से समझिए फर्जीवाड़ा
- 1 पांच किसानों के नाम स्वीकृत 1.04 लाख की सूखा राहत, एक ही व्यक्ति के खाते में डाली कोलारस तहसील के आशुतोष पाठक 15390 रु., रामेश्वर 2200 रु., अमरौरी राजपुरी डोंगरपुर 29450 रु., नवलू सुआटोर 13400 रु. और थोरम आदिवासी काे 18900 रु. सूखा राशि स्वीकृत हुई थी। लेकिन इन किसानों की सूखा राहत राशि का अमित कुमार के खाते में 1 लाख 4 हजार 460 रु. का भुगतान हुआ है। कोलारस व बदरवास तहसील में ऐसे 66 लोगों के नामों की लिस्ट है जिन्हें कुल 65 लाख 7 हजार का भुगतान हुआ है।
- 2 जिस महिला के खाते में 16 बार में 4.55 लाख रु. का भुगतान, बिलों में दूसरा नाम निकला पिछोर तहसील में नीलम नाम की महिला के खाते में 16 बार राशि ट्रांसफर हुई है। कुल 4 लाख 55 हजार 298 रुपए सूखा राहत के पहुंचे हैं। जबकि ऑफिस रिकार्ड में रखे बिलों में नाम दयावती का है। यानी भुगतान किसी और को कर दिया है। ऐसे 21 लोगों को कुल 29.99 लाख का भुगतान किया गया है।
छुट्टी से लौटकर ही मामले में बता पाऊंगा
सूखा राहत मामले में प्रतिवेदन मांगा है। अभी मैं छुट्टी पर आया हूं, शिवपुरी लौटकर आने पर पता करेंगे कि उसमें क्या प्रगति हुई है। -अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर शिवपुरी
0 टिप्पणियाँ