लेखक: संजय बौहरे
सोंईकला में बना सीप नदी का पुल बाढ़ में बह गया।- पलायन कर रहे ग्रामीणों ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को रोका
- आदमपुर, नजरपुर, डरुपुर डेरा, धोबट में पलायन, गांव खाली
ग्वालियर अंचल में भितरवार और डबरा में सिंध नदी के किनारे बसे गांवाें में बाढ़ में घिरे लाेगाें ने पानी से हुई तबाही का ऐसा मंजर पहली बार देखा है। पीड़िताें का दर्द जानने दैनिक भास्कर जब ग्रामीणों के बीच पहुंचा ताे लुहारी गांव के ग्रामीण शिवराम व मंदिर के पुुजारी सीताराम शर्मा ने बताया कि गांव में 51 साल बाद बाढ़ आई है। 1970 में गांव में पानी घुसा था लेकिन तब भी ऐसी स्थिति नहीं बनी थी।
एक घर के तीन लोग पानी से घिर गए। इस परिवार ने पूरी रात छत पर काटी और सुबह सेना के एक दल ने उन्हें बाहर निकाला। भितरवार-शिवपुरी के रास्ते पर बसे आदमपुर, नजरपुर, डरुपुर डेरा, धोबट के ग्रामीणों बुधवार की शाम गांव खाली कर पलायन कर रहे थे। ग्रामीण महिलाएं व बच्चों को जिस ट्रैक्टर में जगह मिली उसमें बैठ गए, ऐसी स्थिति में परिजन साथ न होने पर ट्रैक्टरों में बैठे बच्चे रो रहे थे।
एक मां अपने विकलांग बच्चे को गोद में लेकर गांव से डांग(जंगल) के चक्कर लगाते हुए रोने लगी। महिला इतनी परेशान थी कि वह कह रही थी कि ऐसे तो मर जाए तो अच्छो है। गांव के सरपंच रामनिवास गुर्जर ने बताया कि गांव में लगभग 30 कच्चे मकान टूट गए। उधर पलायन कर रहे ग्रामीणों काे देखकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा रुके और उनकी समस्या सुनीं।
पाली गांव में बाढ़ से घिरे लोगों को बचाने नाव से गए तहसीलदार खुद फंसे, 12 घंटे बाद सेना बचाकर लाई
दतिया| सेवढ़ा से 40 किमी दूर दो सौ की आबादी वाले पाली-सुनारी गांव में मंगलवार रात हालात भयावह हो गए। चारों ओर से सिंध नदी के पानी से घिरे चुके गांव में 40 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली। सेना की मदद से लोगों को एयर लिफ्ट कराने की कोशिश की गई। लेकिन मौसम खराब होने के कारण एयर लिफ्ट नहीं कराया जा सका। मजबूरी में एक नाव फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजी गई। नाव में 2 होमगार्ड के सैनिकों के अलावा खुद तहसीलदार सुनील भदौरिया सवार हुए।
सेना के रिटायर्ड अधिकारी रहने के कारण तहसीलदार भदौरिया ने हिम्मत की। नाव जैसे ही फंसे हुए लोगों के बीच पहुंची और उसमें लोगों को बैठाया तो वह नीचे की तरफ बढ़ने लगी। हम लोग एक सुरक्षित टापू पर चले गए। बुधवार सुबह सेना के जवानों को नाव से भेजा गया। नाव 17 लोगों को सुरक्षित बचा कर लाई। इसके बाद बचे हुए 23 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया। मालूम हो कि 40 लोगों को मंगलवार को भी निकाला जा चुका था।

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