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व्यापमं घोटाला :परीक्षा के समय नाबालिग रहीं तीन आरोपियों की सुनवाई अब किशोर न्यायालय करेगा

 


 नियमों की अनदेखी कर भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने की आरोपी देवयानी पटेल, वोल्गा कैथवार और आएशा शेख के आवेदन को विशेष न्यायाधीश सीबीआई, सुरेंद्र श्रीवास्तव ने स्वीकार कर लिया है। तीनों आरोपियों की ओर से मामले की सुनवाई किशोर न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। आवेदन में बताया गया कि 24 जुलाई 2011 को व्यापमं ने एमपीपीएमटी का आयोजन किया, जबकि 30 जुलाई को परीक्षा का परिणाम घोषित किया। तीनों आरोपियों ने एमपीपीएमटी दी थी।

परीक्षा दिनांक को तीनों छात्राओं की आयु 18 वर्ष से कम थी। ऐसे में उनके मामले की सुनवाई किशोर न्यायालय में होना चाहिए। यहां बता दें कि भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज में 30 सितंबर 2011 (कॉलेज में प्रवेश लेने के अंतिम दिन) को काफी संख्या में छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया। इनमें से कुछ एडमीशन को नियम विरुद्ध बताते हुए पुलिस में शिकायत की गई। बाद में मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई के सुपुर्द की गई।

व्यापमं घोटाला: परीक्षा के समय.....
इस मामले में सीबीआई ने विशेष न्यायालय में दिसंबर 2020 में चालान पेश किया। इसमें कुल 60 लोगों को आरोपी बनाया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पांच अगस्त से इस मामले में कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए आरोपियों को समन जारी किए हैं। पांच अगस्त को नेहिल निगम, दीक्षा चाचरिया, वोल्गा कैथवार, फराह खान और प्रदन्या दिलीप कापदेव को तलब किया गया है।

सीबीआई ने किस पर लगाए हैं क्या आरोप
1.आएशा शेख : निवासी रायपुर। 30 सितंबर 2011 को चिरायु में प्रवेश लिया। पीएमटी में 121/ 200 अंक प्राप्त किए थे। साढ़े चार लाख रुपए दिए थे फीस के एवज में।

2. वोल्गा कैथवार: निवासी भोपाल। 30 सितंबर 2011 को चिरायु मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया। पीएमटी में 81/ 200 अंक प्राप्त किए थे। एडमीशन लेने के एवज में साढ़े चार लाख रुपए दिए।

3. देवयानी पटेल: निवासी नरसिंहपुर। 30 सितंबर 2011 को चिरायु मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया। एडमीशन के एवज में साढ़े तीन लाख रुपए दिए।

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