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रक्षक बने भक्षक: करैरा थाने में पदस्थ 2 आरक्षकों पर जब्त कर थाने में रखे कबाड़े के ट्रक से लाखों का कबाड़ा बेचने का आरोप

 रक्षक बने भक्षक: करैरा थाने में पदस्थ 2 आरक्षकों पर जब्त कर थाने में रखे कबाड़े के ट्रक से लाखों का कबाड़ा बेचने का आरोप 

Protectors became eaters: 2 constables posted at Karaira police station accused of selling scrap worth lakhs from the seized scrap truck kept in the police station.


पीड़ित ने आरक्षक के साथ चैटिंग व सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस अधीक्षक को दर्ज कराई शिकायत

थाने में रखा जब्त ट्रक और कबाड़ा गायब होने से पुलिस पर उठे सवाल


शिवपुरीः करैरा थानांतर्गत जब्त कर थाने में रखे गए कबाड़े के ट्रक से थाने में पदस्थ दो आरक्षकों ने चार लाख रुपये का कबाड़ा बेच दिया। और ट्रक पीड़ित के घर के बाहर रखवा दिया। मामले की शिकायत पीड़ित द्वारा थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक दर्ज कराई गई है। फिलहाल एक महीना बीत जाने के बाद भी पीड़ित को न तो उसका कबाड़ा वापस किया गया है और न ही बेचे गए कबाड़े का रुपया। इस मामले की शिकायत पीड़ित नरेंद्र साहू ने पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ को दर्ज कराई है शिकायत में बताया कि वह शंभूदयाल कालोनी में रहता है और कबाड़े का कारोबार करता है। उसके अनुसार पारिवारिक बंटवारे में उसे दस साल पहले एक ट्रक मिला था, जो भाई वीरेंद्र साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है, लेकिन वह उस ट्रक का करीब 10 से उपयोग कर रहा है। 15 जुलाई को नरेंद्र द्वारा शारदा ट्रेडिंग कंपनी से कबाड़ा खरीदा गया था। कबाड़े सहित पूर्व से फुटकर में क्रय किए गए कबाड़े को तुलवाने के लिए नरेंद्र रात 9:30 बजे धर्मकांटे पर जा रहा था तभी आरक्षक हरेन्द्र गुर्जर व राधे जादौन द्वारा ट्रक को रोक लिया और

थाने ले जाकर खड़ा कर दिया। नरेंद्र साहू के अनुसार तीन-चार दिन तक दोनों आरक्षकों ने उसके साथ सौदेबाजी की और ट्रक व माल को छोड़ने के एवज में उससे दो लाख रुपये की मांग टीआइ के नाम पर की। सौदा न पटने के कारण ट्रक को तीन दिन तक थाने पर ही खड़ा रखा गया। नरेंद्र के अनुसार जब उसने दो लाख रुपये देने से मना कर दिया तो आरक्षकों ने उसके बड़े भाई कबाड़ा कारोबारी वीरेंद्र साहू व उसके मुनीम हरी सिंह गुर्जर से सांठगांठ करके  ट्रक में रखे कबाड़े को विकवा दिया और पैसे अपने पास रख लिए और ट्रक को रात में उसके दुकान के पास खड़ा करके चले गए। पीड़ित के अनुसार जब उसने दोनों आरक्षकों से अपना माल वापस करने की गुहार लगाई तो उन्होंने झूठे केस में फंसवाने की धमकी दी है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दर्ज कराकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

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