शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महोबा डामरौंन से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार पिछले चार महीनों से न्याय की आस में दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से आहत होकर पीड़ित रमेश जाटव अपने परिवार सहित बुधवार की दोपहर ढाई बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा व इंसाफ की गुहार लगाई।
पीड़ित रमेश जाटव ने बताया कि उनके ही रिश्ते में मामा के लड़के ने उनकी छोटी बहू का अपहरण कर लिया था। आरोपी उसे नशीली दवा सुंघाकर आगरा के रास्ते गाजियाबाद ले गए, जहाँ उसे करीब 6 महीने तक बंधक बनाकर रखा गया। बहू ने जब किसी तरह गाजियाबाद थाने से अपने परिवार को फोन किया, तब जाकर रमेश और उनका परिवार पुलिस की मदद से उसे वहां से वापस छुड़ाकर ला पाया। पीड़िता ने बताया कि बंधक रहने के दौरान उसे एक कमरे में ताला लगाकर रखा जाता था और गंभीर प्रताड़ना दी जाती थी।
बहू के अपहरण का विरोध करने और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश करने पर आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। रमेश के अनुसार, जब उनकी मां ने आरोपी पूरन और छोटू को पकड़ने की कोशिश की, तो पूरन और छोटू ने उनकी मां पर पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में मां गंभीर रूप से घायल हो गईं और इलाज के दौरान चार दिन बाद उन्होंने ग्वालियर में दम तोड़ दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि भौंती पुलिस ने शुरुआत में इस गंभीर मामले को पूरी तरह से नजरअंदाज किया। जब वे शिकायत लेकर पहुंचे, तो पुलिस ने उल्टे उन पर ही झूठा आरोप लगाने की बात कहकर भगा दिया। मां की मौत के बाद काफी मिन्नतें करने पर पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन पिछले चार महीनों से आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।

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