भोपाल जिले के छोटे से गाँव रतुआ रतनपुर दो किसान भाई श्री हेमंत कुशवाह एवं श्री ओम कुशवाह आज प्रदेश भर के किसानों के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। कभी 10 हजार पौधों से नर्सरी की शुरुआत करने वाले श्री कुशवाह आज 15 लाख पौध प्रतिमाह उत्पादन की नर्सरी संचालित कर रहे हैं। उनकी नर्सरी उनकी मेहनत और लगन की कहानी कहती है। आसपास के 15 से 20 ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।
श्री हेमंत एवं श्री ओम की यह सफलता अचानक नहीं आई है। मध्यप्रदेश शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं ने उन्हें नई दिशा और अवसर प्रदान किए। वर्ष 2017-18 से विभाग के अधिकारियों के संपर्क में आने के बाद उन्होंने लगातार जिले में कृषि एवं उद्यानिकी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्हें उन्नत कृषि तकनीक और नर्सरी प्रबंधन की जानकारी मिली। वर्ष 2024 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से एमआईडीएच स्कीम अंतर्गत 45 लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी नर्सरी को 2 एकड़ क्षेत्रफल तक विस्तार किया। साथ ही 4 हजार स्क्यायर मीटर में 02 पॉलीहाउस बनवाये। आज उनकी नर्सरी में गुलाब, जरबेरा, गेंदा और नौरंगा जैसे फूलों के साथ-साथ सभी प्रकार की सब्जियों की पौध तैयार कर मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एवं राजस्थान तक के किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने ने अपने खेत में मात्र 2000 वर्गफीट क्षेत्र में पॉलीहाउस नर्सरी शुरू की थी। पानी की समस्या के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। स्वयं के कुएं की खुदाई कर जल-स्रोत तैयार किया और धीरे-धीरे खेती का दायरा बढ़ाया। आज उनकी 8 एकड़ भूमि पूरी तरह से सिंचित है और वे बैंगन, टमाटर, मिर्च, गिलकी, लौकी, खीरा जैसी सब्जियों के हाईब्रिड पौधे तैयार करते हैं। सेमीनेस, फेजेंटा और अंकुर बीएनआर जैसी उन्नत किस्मों के पौध कई जिलों के किसानों को उपलब्ध करा रहे है।
श्री हेमंत कुशवाह बताते है कि किसान भाई "ओम नर्सरी'' से पौध माध्यम से सोशल फ्लेटफार्म एवं मोबाईल नं.-7470356555 के माध्यम से देश भर के किसान सीधे उनसे पौधे खरीद सकते है। निरंतर प्रशिक्षण लेते हुए वे आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती में नवाचार कर रहे हैं।
श्री कुशवाह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद देते हुए कहते है यदि कोई किसान मेहनत करे और सरकारी प्रशिक्षणों का लाभ उठाए, तो खेती आज भी सबसे लाभकारी पेशा बन सकती है। अभी हाल में भोपाल संभाग के कमिश्नर श्री संजीव सिंह ने भी उनके गांव पहँचकर नर्सरी को देखा था और उनकी उदयशीलता को सराहा था।

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