शिवपुरी। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के सख्त रुख के बाद माइनिंग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार रात बदरवास थाना क्षेत्र के रिजौदी घाट (सिंध नदी) पर आधी रात को छापामार कार्रवाई की। इस अचानक हुए हमले से रेत माफिया में हड़कंप मच गया और कार्रवाई के डर से वाहन चालक बीच रास्ते में ही गाड़ियां छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
माइनिंग विभाग ने मौके से 0 ट्रैक्टर और 3 हाइड्रा ट्रैक्टर सहित कुल 13 वाहनों को जब्त किया है। इसके अलावा, गोपालपुर थाना क्षेत्र में भी अवैध उत्खनन में लगी एक जेसीबी मशीन को रंगे हाथों पकड़ा गया है।
स्पॉट' पर भगदड़, पुलिस कस्टडी में सौंपे गए वाहन
लंबे समय से बदरवास क्षेत्र के सिंध नदी घाटों से अवैध रूप से रेत निकाले जाने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। बुधवार रात को जैसे ही माइनिंग और बदरवास पुलिस की टीम रिजौदी घाट पर दाखिल हुई, वहां अफरा-तफरी मच गई। माफिया के गुर्गे और ड्राइवर कार्रवाई भांपकर गाड़ियां वहीं छोड़कर रफूचक्कर हो गए। जब्त किए गए सभी 13 वाहनों को बदरवास थाना परिसर में खड़ा करवाकर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
सड़क से कोर्ट तक -सभी मामलों के केस तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में पेश किए जाएंगे।
अब कलेक्टर कोर्ट से तय होगा जुर्माना
माइनिंग इंस्पेक्टर ऋषभ दीक्षित के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा के सीधे निर्देशों पर अंजाम दी गई है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब अवैध कारोबारियों पर कानूनी और वित्तीय शिकंजा कसने की तैयारी है।
सभी जब्त वाहनों और अवैध उत्खनन के मामलों के प्रकरण तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि आगामी दिनों में नियमानुसार भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा और सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि रेत के अवैध धंधे में लिप्त सिंडिकेट को कड़ा संदेश दिया जा सके।
इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य नदी घाटों पर भी अवैध परिवहन करने वालों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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