मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 19 वर्षीय युवती को अपने ही सगे पिता से जान का खतरा बना हुआ है। पिता की हैवानियत और जबरन शादी के दबाव से तंग आकर युवती को न सिर्फ अपना घर छोड़ना पड़ा, बल्कि अब वह अपनी जान बचाने के लिए दर-दर छिपने को मजबूर है। पीड़िता ने शनिवार की दोपहर 3 बजे शिवपुरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
मामला जिले के भौंती थाना अंतर्गत ग्राम भयावन का है। यहाँ रहने वाली अंशुल लोधी उम्र 19 वर्ष ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उसके पिता वृंदावन लोधी बेहद सनकी और निर्दयी स्वभाव के हैं। वे अक्सर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करते हैं। अंशुल ने आरोप लगाया कि हाल ही में उसके पिता उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन शादी कराना चाहते थे और डरा-धमकाकर उसकी सगाई भी कर दी। जब अंशुल ने इस शादी का विरोध किया, तो पिता ने उसे इस कदर पीटा कि जब वे थक गए, तब दादी ने बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई। एक बार तो गुस्से में पिता ने उसके सिर के बाल तक उखाड़ दिए थे।
पिता के रोज-रोज के जुल्मों से तंग आकर अंशुल के मन में आत्महत्या तक के विचार आने लगे थे। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और मरने के बजाय घर छोड़ने का फैसला किया। वह बीते 20 मई को बिना बताए अकेले घर से निकल गई। पहले वह उज्जैन गई और फिर वहाँ से बस पकड़कर खाटू श्याम (राजस्थान) चली गई।
जब अंशुल को पता चला कि उसके पिता ने भौंती थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, तो वह 28 मई को खुद थाने लौट आई। पुलिस के सामने दर्ज कराए गए बयानों और वीडियो रिकॉर्डिंग में अंशुल ने साफ कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी क्योंकि उसके पिता उसे प्रताड़ित करते हैं। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान पिता वृंदावन लोधी ने लिखित में दे दिया कि "आज से मेरी लड़की मेरे लिए मर चुकी है, मेरा उससे कोई संबंध नहीं है।" इसके बाद पुलिस ने अंशुल को बस स्टैंड छोड़ दिया, जहाँ से वह अपने एक परिचित के यहाँ चली गई।
घर और पिता का साथ छूटने के बाद भी अंशुल का खौफ खत्म नहीं हुआ है। शिकायती पत्र में अंशुल ने आशंका जताई है कि उसका पिता अपने 'ईगो' की संतुष्टि के लिए उस पर हमला करवा सकता है। पिता ने कई जगहों पर धमकी दी है कि वह अंशुल के चेहरे पर तेजाब फेंकवा देगा या उसे गोली मरवा देगा।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसके सनकी पिता के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए और उसे उचित सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वह बिना किसी डर के अपनी जिंदगी जी सके।

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