शिवपुरी जिले के कोलारस में डीएपी खाद से भरे एक ट्रक की जब्ती के मामले में पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज की है। कृषि विभाग की शिकायत पर ट्रक चालक सुनील गुर्जर और हेल्पर कृपाल गिरी के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि ट्रक में लाए गए सैकड़ों खाद के कट्टों में से बड़ी मात्रा में खाद कहां उतारी गई। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 10 जून को हुई थी। एसडीएम अनूप श्रीवास्तव के निर्देश पर तहसीलदार प्रदीप भार्गव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एस.एस. जाटव सहित कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मां कैला देवी वेयरहाउस परिसर में खड़े ट्रक क्रमांक आरजे-17-जीबी-8058 की जांच की। जांच के दौरान ट्रक में श्रीराम एग्रो इंडस्ट्रीज, भरूच (गुजरात) द्वारा निर्मित रघुवीरा सरदार ऑर्गेनिक सब्स्टीट्यूट ऑफ डीएपी के 366 कट्टे मिले।
ड्राइवर भागा, हेल्पर पकड़ा गया
कार्रवाई के दौरान, टीम को देखकर ट्रक ड्राइवर सुनील गुर्जर मौके से फरार हो गया, जबकि हेल्पर कृपाल गिरी वहीं मौजूद था। पूछताछ में हेल्पर खाद से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, अधिकारियों ने पंचनामा तैयार किया, खाद के नमूने जांच के लिए लिए और ट्रक सहित खाद को जब्त कर लिया।
जिला कृषि कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद, जब्त खाद को ट्रक से उतरवाकर ट्रैक्टरों के माध्यम से मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के मंडी स्थित गोदाम में सुरक्षित रखवाया गया। खाली ट्रक को पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है
प्राथमिकी में कृषि विभाग ने उल्लेख किया है कि ड्राइवर और हेल्पर द्वारा खाद का अवैध परिवहन किया जा रहा था, और क्षेत्र में इसके विक्रय की संभावना थी। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 7 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया है कि ट्रक में करीब 800 कट्टे खाद भरकर लाए गए थे, जबकि प्रशासन को केवल 366 कट्टे ही मिले। ऐसे में, लगभग 434 कट्टे खाद पहले ही कहीं उतारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच जारी है। प्रशासन और कृषि विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि शेष खाद किस क्षेत्र में और किन लोगों को सप्लाई की गई। मामले की जांच जारी है।

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