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Shivpuri News : जनसुनवाई में शिकायत करना पड़ा भारी, हॉस्टल अधीक्षिका ने नाम काटने और बाहर निकालने की दी धमकी: छात्राएं पहुंची कलेक्ट्रेट

 

शिवपुरी शहर के टीवी टावर रोड स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छात्राएं गुरुवार को एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। छात्राओं ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि हॉस्टल की समस्याओं की शिकायत करने के बाद उनकी परेशानियां कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। अब छात्रावास अधीक्षिका द्वारा उन्हें धमकाया जा रहा है और शिकायत करने वाली छात्राओं के नाम निरस्त करने की बात कही जा रही है।

छात्राओं ने बताया कि मंगलवार को जनसुनवाई में उन्होंने कलेक्टर के समक्ष छात्रावास की विभिन्न समस्याएं रखी थीं। छात्राओं का कहना था कि हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई बार सब्जी एवं खाने में कीड़े निकलते हैं। दूसरी मंजिल पर रहने वाली करीब 50 छात्राओं के लिए केवल एक शौचालय है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नहाने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और कई छात्राओं को खुले में नहाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

इसके अलावा छात्राओं ने गंदे पानी, पानी की टंकियों की सफाई नहीं होने, खराब पंखों, कूलर नहीं होने और अधीक्षिका की अनुपस्थिति जैसी समस्याओं की भी शिकायत की थी। छात्राओं को उम्मीद थी कि शिकायत के बाद व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

छात्राओं के अनुसार शिकायत के बाद बुधवार को तहसीलदार जांच के लिए छात्रावास पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से चर्चा की और हॉस्टल का निरीक्षण भी किया, लेकिन करीब 10 से 15 मिनट बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई या समाधान के वापस लौट गईं। छात्राओं का कहना है कि जांच के दौरान उनकी समस्याएं सुनी तो गईं, लेकिन मौके पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि जांच के बाद छात्रावास अधीक्षिका ने उन्हें शिकायत करने पर नाराजगी जताई। अधीक्षिका ने छात्राओं को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायत करने वालों के नाम छात्रावास से काट दिए जाएंगे। छात्राओं का यह भी आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकी दी जा रही है और शिकायत करने के कारण लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।

इसी से परेशान होकर छात्राएं गुरुवार को दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में शिकायत करने के बावजूद उनकी किसी भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। उल्टा शिकायत करने वाली छात्राओं को डराया और धमकाया जा रहा है। छात्राओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाए और शिकायत करने वाली छात्राओं को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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