शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र के ग्राम चंदावनी में एक दलित नाबालिग लड़की पर हुए जानलेवा हमले को लेकर कोली समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में अखिल भारतीय कोली समाज और अनोखी पहल संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम आज गुरुवार की शाम 4 बजे जिला कलेक्टर को एक तीखा ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार वर्तमान में गहरे खौफ के साए में जीने को मजबूर है, जबकि जिंदगी और मौत से जूझ रही पीड़ित नाबालिग साक्षी कोली ग्वालियर के अस्पताल में अत्यंत गंभीर हालत में भर्ती है।
यह ज्ञापन अखिल भारतीय कोली समाज (रजिस्टर्ड नई दिल्ली) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री कुंवरजी भाई वावलिया, राष्ट्रीय महामंत्री टी. सी. शाक्यवाल और मध्य प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन सिंह शाक्यवाल के दिशा-निर्देशन में सौंपा गया। प्रदेश महामंत्री एडवोकेट राजकुमार शाक्य और जिलाध्यक्ष गोपाल कबीरपंथी के नेतृत्व में एकजुट हुए समाज ने इस बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की है। इस पूरे मामले में 'अनोखी पहल' संस्था की अध्यक्ष कल्पना सिनौरिया ने भी समाज के सुर में सुर मिलाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया है कि बीते 5 जून को गांव के ही कुछ रसूखदार और असामाजिक तत्वों—धर्मेंद्र परिहार, सोनू परिहार, अजब सिंह परिहार, रीनू परिहार और फूलाबाई परिहार ने मिलकर साक्षी कोली और उसके परिवार पर लाठी-डंडों व हथियारों से प्राणघातक हमला बोल दिया था। इस हमले में अनुसूचित जाति वर्ग के इस परिवार को बेरहमी से पीटा गया, जिससे नाबालिग साक्षी को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद से ही पूरे गांव और समाज में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।
कोली समाज ने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए अपराधियों पर कड़ा कानूनी शिकंजा कसने की मांग की है। समाज की मुख्य मांग है कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी आरोपियों के अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर तुरंत बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया जाए। इसके साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी या कठोरतम सजा दिलाने की मांग की गई है।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर भी ज्ञापन में गंभीर चिंता जताई गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि डरे-सहमे परिवार को तुरंत चौबीस घंटे पुलिस संरक्षण दिया जाए और आत्मरक्षार्थ परिवार के एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस जारी किया जाए। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके इस पीड़ित परिवार को अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से तत्काल बड़ी आर्थिक सहायता राशि, पुनर्वास सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
इस दौरान भगवती प्रसाद कबीर (प्रदेश सचिव), पार्षद श्यामलाल शाक्य, पार्षद मदन देशवारी और पूर्व अध्यक्ष करण सिंह शाक्य सहित अखिल भारतीय कोली समाज व अन्य सामाजिक संगठनों के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा देने में देरी की गई, तो समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

0 टिप्पणियाँ