शिवपुरी में खाद संकट, ई-टोकन व्यवस्था की विसंगतियों और किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान, पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए वर्तमान खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
किसानों का कहना था कि प्रदेश में लागू ई-टोकन व्यवस्था किसानों के हित में प्रभावी साबित नहीं हो रही है। किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत और भूमि के रकबे के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। सर्वर आधारित ऑटो सिस्टम से तय मात्रा के कारण कई किसानों को जरूरत से कम खाद उपलब्ध हो रही है, जिससे फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
ज्ञापन में बताया गया कि सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों पर खाद के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी बिना खाद लिए लौटना पड़ रहा है। वहीं निजी बीज भंडारों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जिसके कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
किसानों ने मांग की कि डीएपी, यूरिया और एनपीके सहित सभी प्रकार की खाद किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ई-टोकन व्यवस्था में सुधार कर किसानों को उनके रकबे और फसल की जरूरत के अनुसार खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि निजी बीज भंडारों और विक्रेताओं को भी पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को उधार और क्रेडिट व्यवस्था के माध्यम से राहत मिल सके। किसानों ने खाद वितरण केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को खत्म कर पारदर्शी और सरल व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई।
इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने प्रशासन से जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।

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