शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र के गुड़र गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर में खाना बनाते समय हुए भीषण धमाके के बाद मकान की छत और दीवारें भरभराकर गिर गईं। हादसे में मलबे में दबने और आग की चपेट में आने से 4 वर्षीय मासूम जानवी प्रजापति की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को पहले शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
नाश्ता बनाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्राणसिंह प्रजापति की पत्नी रौशनी प्रजापति घर में एलपीजी गैस चूल्हे पर नाश्ता बना रही थीं। उस समय उनकी 4 वर्षीय बेटी जानवी पलंग पर सो रही थी, जबकि डेढ़ वर्षीय बेटा शिवा भी घर में मौजूद था। पड़ोस का एक किशोर भी उस समय घर के अंदर था। परिवार के बुजुर्ग फूल सिंह प्रजापति घर के बाहर बैठे हुए थे।
इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज के साथ मकान की छत और दीवारें ढह गईं तथा कई फीट ऊंची आग की लपटें उठने लगीं। धमाके से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए।
लोगों ने बचाव का प्रयास किया, बुजुर्ग भी झुलसे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके के बाद फूल सिंह प्रजापति परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए घर के अंदर पहुंचे, लेकिन वे भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही खनियाधाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। मलबा हटाने के दौरान 4 वर्षीय जानवी का शव बरामद हुआ। मासूम की मौत से गांव में शोक का माहौल है।
सिलेंडर फटा या पेट्रोल-डीजल में लगी आग, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग आशंकाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि प्राणसिंह किराना दुकान संचालित करते थे और खुले में डीजल-पेट्रोल बेचने का काम भी करते थे। आशंका है कि घर में रखे ज्वलनशील पदार्थ में आग लगने से विस्फोट हुआ।
वहीं यह जानकारी भी सामने आई है कि घर में एक गैस सिलेंडर से खाना बनाया जा रहा था और दो अन्य सिलेंडर भी रखे हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि इनमें से एक सिलेंडर में धमाका हुआ हो सकता है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। मलबा हटाने के दौरान एक सिलेंडर नहीं मिलने की बात भी सामने आई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कलेक्टर, एसपी और विधायक पहुंचे मौके पर
हादसे की जानकारी मिलते ही शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा, एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया, विधायक प्रीतम लोधी सहित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बचाव और राहत कार्यों की जानकारी ली।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक रूप से घर में रखे डीजल-पेट्रोल में आग लगने और उसके बाद हुए विस्फोट की आशंका है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए ग्वालियर भेजा गया है तथा एक तहसीलदार को भी उनके साथ भेजा गया है। प्रशासन लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
शॉर्ट सर्किट और आग फैलने की भी आशंका
स्थानीय स्तर पर यह बात भी सामने आई है कि घटना के समय गैस चूल्हे पर नाश्ता बनाया जा रहा था। इसी दौरान आग भड़कने और शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आग ने घर में रखे डीजल-पेट्रोल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भीषण धमाका हुआ और पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि पुलिस और प्रशासन सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं।
चारों घायल गंभीर, ग्वालियर रेफर
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. आशुतोष चौरसिया के अनुसार हादसे में घायल लोगों में रौशनी प्रजापति करीब 40 से 50 प्रतिशत, शिव प्रजापति (1 वर्ष) 50 से 60 प्रतिशत, अंकेश (10 वर्ष) 80 से 85 प्रतिशत तथा प्रण सिंह प्रजापति 60 से 70 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। चारों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) ग्वालियर रेफर किया गया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।



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